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तुम अनजान बहुत है

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिंदगी की शाम कब ढल जाए पता नहीं है मुझे,
        
                                                    
                            
दर्द बांटने के लिए कोई नहीं अपना कहलाने वाले बहुत हैं,
अपनी पीड़ा, दर्द को साझा करें तो किस से करूं सनम,
तुम तो मेरे दिल के बहुत करीब है, लेकिन तुम अनजान भी बहुत है,
1 सप्ताह पहले
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