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मुझे सुकून मिलता है

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं तो तेरे दिल की महफ़िल सजाने आता हूं,
        
                                                    
                            
महफ़िल की भीड़ में मैं तुम्हें अपना बनाने आता हूं,
बनकर बेवफा तुम ने मुझे तड़प दी ऐसी,
कि मैं अजनबी बनता चला गया सनम,
अब तो तेरी तस्वीर देखकर ही मुझे सुकून मिलता है,
3 महीने पहले
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