तुम जितना दूर से मुझे देखोगे उतना ही अच्छा होगा,
क्यों कि अपने आप में एक नशा हूं मैं,
नशा अगर तेरी सूरत का होता तो वो कब का उतर गया होता
लत तो मुझे तेरी ढलती हुई जवानी की लगी है,