विज्ञापन

अपना मान चुका था

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं तो तुम्हें अपना सब कुछ मान चुका था, मेरे लिए तुम सब कुछ हो,
        
                                                    
                            
पर तुम ने यकीन दिला दिया मुझे, कुछ भी नहीं हूं मैं तुम्हारे लिए,
1 सप्ताह पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rabindra Aman

118 कविताएं

View Profile