जीवन सारा कट गया तैयारी भी व्यापार
हर पल एक परीक्षा ,प्रतिफल एक ना बार.
आये जो भी शहर में छोड़कर अपना गांव
जीवन दांव में लग गया वापस लौटे पांव.
-दिनेश चौहान