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उसकी भरी जवानी में

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सारी नावें डूब गईं कागज की बहते पानी में
        
                                                    
                            
बहुत सताया था उसने सबको भरी जवानी में.

पैर ज़मीं पर जब भी पड़ते बात हवाओं से करते
हर चेहरे को तिनका समझा उसने भरी जवानी में.

गली मुहल्ले सड़क शहर की सूनी सूनी सी लगती
जब तक पैर की पायल बोले उसकी भरी जवानी में.

शहर में चर्चे जेब के ख़र्चे उस पर हरदम होते रहते
उम्र दराज लोग भी घायल दिखते. भरी जवानी में.

जिधर चले तूफान आ जाता रुक जाती थम जाता
मौसम सारे बदल गये थे उसकी भरी जवानी में .
-दिनेश चौहान
3 महीने पहले
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