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पितृपक्ष में कौवे दुर्लभ हो जाते हैं

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तिथियाँ पितृपक्ष की जब से आयीं
        
                                                    
                            
कौओं की पूछ हुई और बन आयी.

इंतजार करते हैं स्वागत करते हैं
खोजने पर भी कौवे नहीं मिलते हैं.

काक शास्त्र पढ़ डाला सारा हमने
भेद ना चालाकी का पाया हमने.

कोयल के पीछे पीछे चलते हैं ये
बच्चे भी उसके मिल कर सेते ये.

घूरे के दिन भी लौट कभी आते हैं
पितृपक्ष में कौवे दुर्लभ हो जाते हैं.
-दिनेश चौहान
1 सप्ताह पहले
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