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कामदेव घातक बन जाता

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मदिरा नयनों से बहती जब
        
                                                    
                            
मन उपवन मादक हो जाता
भ्रमर भूल कर पथ अपना
बस तेरा चातक बन जाता .

अन्दर बाहर छवि तेरी दिखती
उन्माद गात संग भर जाता
गन्ध सुगंध ले तेरी काया की
कामदेव घातक बन जाता.
-दिनेश चौहान
4 दिन पहले
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