विज्ञापन

आखिर कब तक

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            खाली हाथों घूमेंगे बेकार ये सड़कों पर कब तक
        
                                                    
                            
कल बूढ़े हो जायेगे इंतजार करें आखिर कब तक .

हर युवा को काम और काम का दाम भी देना होगा
बस कोरी बातों से पेट भरेगा कैसे आखिर कब तक.

परिणाम सामने नव पीढ़ी तुमसे रह रह मांग रही
केवल विरोध सिर्फ विरोध होगा आखिर कब तक .

सत्ता सरकारें कभी नहीं टिक पातीं इन संघर्षों में
लोगों को भ्रम बहकावे में रखोगे आखिर कब तक.

अधिकार समान सभी को देने होंगे सत्ता के तुमको
हक जनता का मार के तुम बैठोगे आखिर कब तक .
-दिनेश चौहान
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all