छुट्टी सारी खत्म हुई अब खुल गए हैं स्कूल।
बच्चो चलो पढ़ाई करने, मौज मस्ती को भूल।
मन को करो प्रसन्न तुम, मुख लाओ मुस्कान।
कमर कसो एक बार फिर, लेने जाओ ज्ञान।
नव कक्षा, नव मित्र मिले, मिले नया कुछ ज्ञान,
अर्जित कर लो इसे तुम, लगा के अपना ध्यान।
मिले तरक्की, मान मिले, और बढ़े तेरा सम्मान।
मां सरस्वती का आशीष मिले खूब होय तेरा नाम।
-धीरज सारस्वत "धैर्य"