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बोलना आसान है

Devraj Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पीठ पीछे बोलना आसान है,
        
                                                    
                            
किसी पे उँगली उठाना आसान है।

जो समझता है ख़ुद को सही,
ये ग़लतफ़हमी रखना आसान है।

आईना जो सामने आ जाए कभी,
अपना चेहरा छुपाना आसान है।

दूसरों के ऐब गिनते हैं सभी,''देव''
ख़ुद की ख़ामी नज़रअंदाज़ करना आसान है।
1 सप्ताह पहले
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