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जहाँ गुस्सा है, पर दिल साफ ज्यादा है।

Dev Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दोस्ती कोई हिसाब नहीं होती,
        
                                                    
                            
ये तो बस एक अहसास होती है।

जहाँ लफ्ज़ कम, समझ ज्यादा है,
जहाँ गुस्सा है, पर दिल साफ ज्यादा है।

तू हँसे तो मेरी शाम बन जाए,
तू रूठे तो दिल परेशान हो जाए।

वक्त बदलेगा, लोग बदलेंगे,
पर हम वैसे ही, वही रहेंगे।

तू है तो हर गम आधा है,
तेरे बिना तो सब ज्यादा है।
एक महीने पहले
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