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प्रेम से बोलो… जय श्री राम

Deepak Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            राम सिर्फ़ एक नाम नहीं,
        
                                                    
                            
वो जीवन जीने की मर्यादा हैं…
सीता सिर्फ़ एक कथा नहीं,
वो प्रेम, त्याग और समर्पण की परिभाषा हैं।

जहाँ रिश्तों में सम्मान हो,
वहाँ राम का वास होता है…
जहाँ प्रेम में स्वार्थ न हो,
वहीं सिया-राम का एहसास होता है।

राम हमें जीतना सिखाते हैं—
दूसरों को नहीं,
अपने भीतर के अहंकार को…

और सिया हमें सिखाती हैं—
प्रेम केवल पाने का नाम नहीं,
कभी-कभी प्रेम में
निभाना ही सबसे बड़ी पूजा होती है।

इसलिए मंदिरों में राम को खोजने से पहले,
अपने हृदय में प्रेम जगा लेना…
जुबाँ पर राम रख लेना,
कर्मों में मर्यादा रख लेना
और इंसानियत को अपना धर्म बना लेना।

फिर हर धड़कन कहेगी—


 
एक महीने पहले
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