विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय प्रजातंत्र दिवस

BIJAY TIWARI

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सितंबर माह पंद्रहवीं तिथि
        
                                                    
                            
सजी विश्व  जनतंत्र-वीथी।
आज मना रही दुनिया  सहर्ष।
अंतरराष्ट्रीय प्रजातंत्र दिवस ।।

प्रजातंत्र को    कर मैला
आतंकवाद जा रहा फैला।
एकात्म साम्यवादी विचार
लोकतंत्र मिटाने को तैयार।।
  
प्रजातंत्र-पहल से  कोई न रुठे
नीति-निर्माण,  में पीछे न छूटे।
फैसले हों     'सर्वजन हिताय '
क्रियान्वयन,  प्रादर्शिता पाय।।

समावेशी गुणात्मक भागीदारी
सतर्क जनतंत्र, जन पहरेदारी।
लालच, दबाव-मुक्त    परितंत्र
खुली परिचर्चा ,  न्याय स्वतंत्र।।

हम विश्व के,  बृहत्तर लोकतंत्र
महती लिखित संवैधानिक गणतंत्र
अद्भुत गौरव ,  अनुभूति  दाता
होना नागरिक और मतदाता ।

वोट से बदलती यहां सरकार
हम मतदाता हैं     पहरेदार।
ई वी एम द्वारा      देकर वोट
भ्रष्ट, अहमी को   देते चोट।।

हमें भी जागरूक है रहना
मिथ्या प्रतीति में, नहीं बहना।
प्रलोभी दलदल में नहीं धंसे
जाति जकड़न में नहीं फंसे।।

रहे निज धर्म प्रति आस्था भरी
पर  राष्ट्र धर्म    हो    सर्वोपरी ।
हो विभिन्नताएं,सैद्धान्तिक विवाद
हो नियमन मे शामिल राष्ट्रवाद।।

प्रजातंत्र- नैया   के खेवैया
देते मतदान जो बहना-भैया।
प्रजातंत्र के मूल्यो संग मिल
जनतंत्र जलसे मे हों शामिल ।।
-बिजय बहादुर तिवारी'विस्मृत
 
2 दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Aditya Mishra

1 कविता

View Profile

Anil Pandey

436 कविताएं

View Profile