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ज़िंदगी की जंग

Bhutaram Meghawanshi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ज़िंदगी जंग में वहीं लेता है बाजी जीत,
        
                                                    
                            
जो रखता है नर आशा संग सदा प्रीत,

देती हैं कहीं सुखद तो कहीं दुखद तजुर्बा,
जो रखे सदा सद्व्यवहार, होती उसकी जीत।

कहीं सामना होता मुसीबतों से तो कहीं राहें सुगम,
रखे हमेशा धीरज ऐसे में वहीं लेता बाजी जीत।

कहीं ग्रसित होती दुर्भावनाएं,कहीं मिले सद्भावना,
भावनाओं पर रखे जो अंकुश,वहीं ले बाजी जीत।

कहीं अमानवीयता तो कहीं फैले मानवता,
मानवीय गुणों से जो हो लबरेज,उसकी हो जीत।

कहीं मिलेगी शाबाशी,तो कहीं आएगी भर्त्सना,
जो रखे रवि सम व्यवहार,बाजी उसकी निश्चित।

कहीं मिलेगी धमकियां तो कहीं मिलेगी समर्थन,
जैसा समय वैसा जो करे बर्ताव,रहें वो निश्चिंत।

दिखाती हैं विभिन्न रंग विभिन्न समय ज़िंदगी
जो जैसा सोचेगा,उसकी वैसी होगी निश्चित।

ज़िंदगी के जंग में निराश मत होना मास्टर,
मानवता संग कुदरत के पालन में रह तू निश्चिंत।।

 
एक महीने पहले
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