विज्ञापन

मोहब्बत के चक्कर में ये सदियाँ चली जाएंगी

Bheem prakash

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बिजलिया चली जाएंगी कलियाँ चली जाएंगी।
        
                                                    
                            
घर के आँगन की वो खुशियाँ चली जाएंगी।
खुद को संभाल लो अभी भी वक्त है मेरे दोस्त
मोहब्बत के चक्कर में ये सदियाँ चली जाएंगी।
-भीम 'भमर'
2 दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

User

1 कविता

View Profile

Deepak Sharma

24 कविताएं

View Profile