विज्ञापन

मोहब्बत के चक्कर में ये सदियाँ चली जाएंगी

Bheem prakash

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बिजलिया चली जाएंगी कलियाँ चली जाएंगी।
        
                                                    
                            
घर के आँगन की वो खुशियाँ चली जाएंगी।
खुद को संभाल लो अभी भी वक्त है मेरे दोस्त
मोहब्बत के चक्कर में ये सदियाँ चली जाएंगी।
-भीम 'भमर'
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

श्री सनातन

671 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

13377 कविताएं

View Profile

Dn Chaubey

7459 कविताएं

View Profile