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तू चाहे मुझे अपनी कहानी से मिटा दे

Atul Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            "तूने छोड़ा है मुझे, मेरी वफ़ा को नहीं,
        
                                                    
                            
मैं आज भी वही हूँ, बस तेरा रहा नहीं।"

सैकड़ों ख़्वाहिशें रहें तो रहें,
मुझ पर अब कोई इल्ज़ाम नहीं।
मैं अब वो शख़्स नहीं रहा,
दिल तोड़ने का काम करे जो।
इल्ज़ाम सैकड़ों और ढो लूँगा मैं,
तेरी नफ़रत भरी निगाहों को भी सह लूँगा मैं।
मगर ये मत समझना कि टूट जाऊँगा,
तेरी बेवफ़ाई के बाद भी ख़ुद को संभाल लूँगा मैं।
ज़ख़्म गहरे हैं, मगर भर जाएँगे,
ये दिन भी आख़िर गुज़र जाएँगे।
तू चाहे मुझे अपनी कहानी से मिटा दे,
हम तेरी यादों में फिर भी नज़र आएँगे।
— बेसुध 
एक महीने पहले
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