विज्ञापन

हमने तुम्हारे वास्ते क्या कुछ नहीं किया

Arun Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमने तुम्हारे वास्ते क्या कुछ नहीं किया ,
        
                                                    
                            
तुमने निगाह फेर के सब कुछ भुला दिया ।

मिलते नहीं विचार तो तकरार छोड़ दी,
चुप चाप हमने ज़ह्र भरा घूंट पी लिया।

करना अगर है इश्क़ तो फिर मौत से न डर ,
जो इश्क़ में हुआ न फ़ना ख़ाक वो जिया।

तुकबन्दियाँ मिलाने से हासिल है कुछ नहीं,
बनती नहीं ग़ज़ल जो मिलाया न क़ाफ़िया।

मेरी ग़ज़ल सुनी है सभी ने जो ध्यान से,
करता हूँ मैं सभी का तहे दिल से शुक्रिया।

दे दी है बागडोर जिसे तुमने देश की,
वो आदमी के भेष में है एक भेड़िया।
4 दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anil Pandey

417 कविताएं

View Profile