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सिले होठ

Arpita Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब मन के भीतर कोने में दर्द कोई सिसकी लेता है लव कहना चाहते हैं कुछ पर होठ ज्यों कोई सी देता है
        
                                                    
                            
तब आंखों से आंसुओं का सैलाब निकलता है निकल कर रुखसार पर ठहरता है
तब मैं सीने पर रखे बोझ को को हल्का कर देती हूं और
दुनिया कहती है ,पगली बस रोती ही रहती है
- अर्पिता
1 सप्ताह पहले
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