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शुभ हो जीवित पुत्रिका

Arjun Prabhat

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शुभ हो जीवित पुत्रिका, सुखी रहे संतान।
        
                                                    
                            
जननी के मन का यही,एकमात्र अरमान।।
मां ममता का कोश है,क्षमा दया की खान।
सतत त्याग से कर रही जीवन का निर्माण।।
मां के जैसा जगत में त्याग करेगा कौन ?
सहती सारी आपदा , फिर भी रहती मौन।।
ईश्वर को देखा नहीं धरती पर साकार ।
सभी जीव महसूसते, लेकिन मां का प्यार।
सब माताओं को करे अर्जुन आज प्रणाम।
जो अपनी संतान हित, कर्म करे निष्काम।।
4 दिन पहले
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