विज्ञापन

"मेरे प्रिय भारत "

Anuradha Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरे प्रिय भारत तू मेरा प्रेम प्रथम है,
        
                                                    
                            
मैं तेरी शान बन सकूँ तू मेरा वो स्वप्न है।

कई महान हस्तियाँ तुझमे जन्मी हैं,
पर स्वयं में तू अमरण्य है।
सब तेरा ही गौरवगान करें,
सच में तू धन्य है।।

मौजूद तुझमें हर नदी, पर्वत, झरने,
सब मेरे लिए तेरा ही आलिंगन है।
प्रिय भारत तू मेरी ह्रदय स्पंदन है।।

होंगे कई ऐसे भी जो तुझे बाँटना चाहें,
पर मैं तेरे लिए ख़ुद को बाँट सकूँ तू इतना महान है।
मेरे प्रिय भारत तू मेरा भगवान है।।

तेरी खूबियों का कोई अंत नहीं,
तुझमें सर्वस्व विधमान है।
मेरा त्याग और समर्पण तेरे लिए है,
तुझ पर मेरी ज़ान न भी कुर्बान है।।


 
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

13403 कविताएं

View Profile

Dr fouzia

6944 कविताएं

View Profile

RATAN KUMAR

854 कविताएं

View Profile

Hari Shankar

7098 कविताएं

View Profile

dinesh chauhan

3631 कविताएं

View Profile