विज्ञापन

सुन लो,सारे हिंदू बौद्ध ईसाई सिख मुसलमान!

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भगवान ने सबको बनाए एक समान
        
                                                    
                            
भगवान सबको दिए दो पैर,दो कान
दो कर,एक अनुहार, एक जहान
पर धर्म, जाति पांति, रंग में बांट दिया इंसान
को इंसान ने,चलाने को अपना अपना दुकान
चल रहा ठाठ बाट से सबका दुकान
कोई हिंदू,कोई सिक्ख,ईसाई, हैं सभी समान
पर मचा है घमासान
हम महान,हम महान
मेरा धर्म महान
जब कि एक रक्त
बह रहा हर वक्त
करते हम रक्तदान
तब कौन खून है हिंदू का, कौन खून है मुसलमान
का क्या पता करना है आसान?
बचाना है अस्पताल में प्राण
कि पता करना है हिंदू, मुसलमान
के खून का गंध,बताए मुझे जहान
है एक प्यारा हमारा हिंदुस्तान
मत फैलाओ दंगा
है एक हमारी गंगा
सभी धर्म के लोगों! करो उसमें स्नान
तब पढ़ो हनुमान चालीसा,या करो अजान
सुन लो,सारे हिंदू बौद्ध ईसाई सिख मुसलमान!
सुनो,सारे धर्म के ठेकेदार
करो हिंद से सदा प्यार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
3 सप्ताह पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

13423 कविताएं

View Profile

Dn Chaubey

7484 कविताएं

View Profile