विज्ञापन

सुबह सुबह

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुबह सुबह टहलने निकलो
        
                                                    
                            
सुबह सुबह सुबह सुंदरी से मिलने निकलो
बाग बगिचों में टहलने निकलो
सुबह सुंदरी बांट रही है उपहार
तन मन के स्वास्थ्य का उपहार।
- सहज कुमार
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Prasoon Saxena

973 कविताएं

View Profile