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हूं मैं बागी बलिया जो रहा सदा सबसे ऊंचा

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शीष मेरा झुका नहीं कहीं
        
                                                    
                            
शीष मेरा झुका तो झुकी मही
स्वाभिमान है मेरा अंबर से ऊंचा
हूं मैं बागी बलिया जो रहा सदा सबसे ऊंचा
करूंगा काम ऐसा
करेगा नहीं कोई जैसा
गंगा के मैदान वाला
मैं हूं बड़ा बलिदान वाला।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
1 सप्ताह पहले
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