विज्ञापन

टेम्पो वाला दोगुना किराया मांगे

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं आया गया शहर में
        
                                                    
                            
मैं आया बुद्ध के शहर में
सड़क मिले टूटे फूटे
लोग मिले रूठे रूठे
टेम्पो वाला दोगुना किराया मांगे
टेम्पो वाला का भाग्य जागे
लोग करें झगड़ा
लोग करें रगड़ा
बच्चे चंचल
बड़े चंचल
शहर रास न आया
मैं गया क्यों आया
सोच कर पछताया
कवि मिले अच्छे अच्छे
साहित्यकार मिले अच्छे अच्छे
पत्रकार मिले अच्छे अच्छे।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

13398 कविताएं

View Profile

Satish chandra

63 कविताएं

View Profile

Dn Chaubey

7473 कविताएं

View Profile

Sunita Kashyap

23 कविताएं

View Profile