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शाम सुहानी

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शाम सुहानी
        
                                                    
                            
सुबह सुहानी
बहे मंद मंद पवन
है यह मेरा वतन
है यह मेरा उपवन
है पुलकित नील गगन
है पुलकित तन मन
चलो,टहल कर आएं
चलो, सेहत बनाएं
स्वस्थ तन मन से सब कुछ पाएं।
- सहज कुमार
2 महीने पहले
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