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संसार को एक करूं

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चाह रहा हूं मैं स्वदेश के लिए कर्म कुछ नेक करूं
        
                                                    
                            
चाह रहा हूं स्वदेश के लिए कर्म मैं अनेक करूं
चाह रहा हूं स्वदेश सेवा की केवल मैं टेक करूं
चाह रहा हूं सारे संसार को मैं एक करूं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
3 दिन पहले
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