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सभी समान हैं

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हैं हम सभी समान
        
                                                    
                            
सबके हैं एक भगवान
तो कोई छूत क्यों है?
कोई अछूत क्यों हैं?
मंदिर अपवित्र कैसे हो जाते हैं?
जब हम मंदिर में जाते हैं
यह भेदभाव क्यों है?
यह अभाव क्यों है?
- सहज कुमार
2 महीने पहले
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