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रोटी के लिए

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कोई तरस रहा रोटी के लिए
        
                                                    
                            
कोई तरस रहा एक बेटी के लिए
कहीं रोज दीवाली और होली है
कोई खा रहा स्वदेश के लिए गोली है
कहीं अन्याय है
कहीं सांय सांय है
कहीं भांय भांय है
गरीब खाएं गोली
धनी खेलें होली
क्यों किसी का सम्मान है?
क्यों किसी का अपमान है?
- सहज कुमार
2 महीने पहले
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