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मेरे हृदय में है हिंदुस्तान

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरे हृदय में है हिंदुस्तान
        
                                                    
                            
मेरे सामने है तड़पता हिंदुस्तान
मेरे सामने है खेत खलिहान
मेरे सामने है गंगा का मैदान
मेरे सामने है खुला आसमान
मेरे सामने है भूखा हिंदुस्तान
बन कर कर्मठ इंसान
बन कर कर्मठ जवान
बन कर चरित्रवान
बन कर कर्मठ किसान
लिख कर क्रांति कारी रचना महान
चाह रहा हूं देखना विकसित हिंदुस्तान
बन कर, निडर इंसान
बन कर वीर हनुमान
बन कर वीर बलवान
चाह रहा हूं बदल दूं हिंदुस्तान
चाह रहा हूं बना दूं सबसे शक्तिशाली हिंदुस्तान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
 
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