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छोड़ के पीपल के छऊंवा

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            छोड़ के गऊंवा
        
                                                    
                            
छोड़ के सुंदर ठउंवा
छोड़ के पीपल के छऊंवा
छोड़ के बैरिया बलिया
छोड़ के नदी नहर कुंआ
मत जा परदेश
सुंदर बा अपन देश
स्वर्ग बा अपन देश
कहां खईब धक्का हो?
ईहां के घरवा बा भले कच्चा हो
बनी ई एक दिन पक्का हो
रह एही ठउंवा
छोड़ के गऊंवा
मत जा विदेश
सुंदर बा अपन देश
सुंदर बा अपन भेष।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 महीने पहले
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