विज्ञापन

मन में मगरूरी

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मन में मगरूरी
        
                                                    
                            
है नहीं जरूरी
किसी की मंजूरी
है ज्यादा जरूरी
किसी की मजबूरी
का फायदा उठाना
है बढ़ाना
उससे दूरी।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 सप्ताह पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

13423 कविताएं

View Profile

Dn Chaubey

7484 कविताएं

View Profile