विज्ञापन

लोभ लालच में मैं क्यों आया?

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लोभ लालच में मैं आया
        
                                                    
                            
विश्वास,आस मैं गंवाया
संबंधों को मैं गंवाया
लोभ लालच को करता किनारा
तो मैं बनता सबका प्यारा
मैं बनता सारे संसार से न्यारा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
6 दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Mathura Prasad

11 कविताएं

View Profile

Aalam-e-Ghazal Parvez

281 कविताएं

View Profile