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कृषकों का सहारा

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            थम रे बारिश थम जरा
        
                                                    
                            
थम रे वर्षा थम जरा
मुझे घर जाना है
मुझे माता पिता से मिलने जाना है
रे पागल बादल,जाने दे मुझे जाना है
कल बरस लेना
कल हरष लेना
तुम्हें बरसता देख किसानों की होती चौड़ी छाती
खेत उनकी थाती,लहराते फसल उनकी थाती
मत करना बेईमानी
करना मत नादानी
कृषकों का तू सहारा
बन तू सबका सहारा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
1 सप्ताह पहले
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