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चिल्लाता रहा मैं कोई चूप हो नहीं पाया।

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सच बोलता रहा मैं झूठ जीत गया
        
                                                    
                            
व्रत करता रहा मैं भाग्य रूठ गया
पूछता रहा मैं जबाब नहीं आया
ढूंढ़ता रहा मैं बेटा वापस नहीं आया
चिल्लाता रहा मैं कोई चूप हो नहीं पाया।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
5 दिन पहले
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Pankaj Sharma

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