बिहार में पुष्प हजार हैं
चंपा चमेली हजार हैं
अड़हुल गुलाब हजार हैं
यहां गेंदा कचनार है
ये राजकीय पुष्प प्यारे है
ये लगते जैसे अंबर के तारे हैं
बिहार में बहार है
बिहार में बुद्ध विहार है
यहां आम अमरूद जामुन लीची केला है
यह प्रदेश हमारा अलबेला है
यहां पपीता आंवला अनानास है
यहां आस और विश्वास है
यहां बड़े बड़े कवि कलाकार हैं
यहां बड़े बड़े साहित्यकार हैं
यहां ढेर सारे कलमकार हैं
यहां बड़े बड़े पत्रकार हैं
यहां बड़े बड़े चित्रकार हैं
यहां बड़े बड़े राजनीतिकार हैं
यहां पटना मुजफ्फरपुर है
यहां गया भागलपुर है
यह हिंद का कोहिनूर है
यहां हर अनुहार पर नूर है
यहां के लोग शूर वीर हैं
यहां सहज कुमार हैं
यह हमारा बिहार है
यहां जीत का हार है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'