एक शहर है मुजफ्फरपुर
जो पटना से नहीं है ज्यादे दूर
जहां लीची आम मिलता भरपूर
जो बिहार की साहित्यिक राजधानी है
जहां बाबा गरीबनाथ की मेहरबानी है
जहां सहज कुमार की जिंदगानी है
जहां नित रचते हम कविता कहानी हैं
आओ उस शहर में जहां जवानी है
जहां हैं फल फूल सब्जी भरपूर
है वह प्यारा शहर मुजफ्फरपुर
है हिंदुस्तान का कोहिनूर।
- सहज कुमार