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गया नगरी

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गया की धरती जग में न्यारी
        
                                                    
                            
गया की धरती सबसे प्यारी
पितृपक्ष मेला में दिखती भीड़ भारी
पिंड दान करने आती दुनिया सारी
बोधगया है सबसे सुंदर
कुछ इमारतें पटना से भी सुंदर
गया हवाई अड्डे की सुंदरता बढ़ जाती है
जब बौद्ध भिक्षुक की टोली यहां आती है
फल्गु नदी के किनारे
आते पिंडदानी ढेर सारे
गया की धरती है प्रसिद्ध विश्व भर में
कभी आईए ना हमारे गया शहर में
साहित्यकार की मंडली जुटती गया शहर में
गया जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन है इसी शहर में
हर शनिवार को जुटते हैं कवि ढेर सारे
लेकर आते कविता,गजल,गीत प्यारे प्यारे
आईए ना कभी हमारे इस शहर में
देखेंगे संचालन सहज का इसी शहर में
सुनेंगे कविता राष्ट्रकवि का इसी शहर में
पसंद आएगा यह शहर एक नजर में
मिल जाएगा तिलकुट,लाई,अनरसा घर-घर में।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
1 सप्ताह पहले
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