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गांव में मनवा अटकल बा

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पैसा खातिर जाई हम परदेश
        
                                                    
                            
छोड़ीं कईसे देश?
गांव में मनवा अटकल बा
गांव में तनवा अटकल बा
केहू जाता अरब
कमाए खरब
रह के गऊंवा में,कमाईब हम अरब
कमाईब हम खरब
हम जाईब ना अरब
जाईब ना परदेश
छोड़ब नाहीं देश
गांव में धनवा अटकल बा
गांव में मनवा अटकल बा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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