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गांव में स्वर्ग

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गांव मेरा बसा गंगा के किनारे
        
                                                    
                            
बलिया जिले में बैरिया के किनारे
हैं लोग प्यारे प्यारे
हैं आंखों के ये तारे
खेत खलिहान हैं
आम के बागान हैं
अमरूद जामुन के पेड़ प्यारे प्यारे
पांडे पुर ढाला है
प्यार का प्याला है
यहीं मैं जन्म लिया
प्राथमिक शिक्षा लिया
स्नातक की डिग्री लिया
स्नातकोत्तर के लिए,गांव छोड़ा
पीपल का छांव छोड़ा
हूं मैं शहर में
पर है मन घर में
गांव है हृदय में
मां गंगा हैं हृदय में
गांव को मैं भूल सकता नहीं
गांव में खोया है स्वर्ग कहीं।
- सहज कुमार
2 महीने पहले
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