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दुष्ट चीन

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दुष्ट चीन
        
                                                    
                            
हड़प लिया अपना अक्साई चिन
और हम ताकते रह गए
दोस्त समझ झांकते रह गए
इधर
उधर
किधर?
किधर?
अब लड़ना होगा
अब अड़ना होगा
अब टिकना होगा
अब सीखना होगा
छल कपट से दूर हैं हम
पर वीरता से भरपूर हैं हम
जो गलती हुई
वो हुई
अब न झुकेंगे
अब न रूकेंगे
अब लिखेंगे नई कहानी
बन कर बलिदानी
बन कर सेनानी
बागी बलिया वाले हैं हम
बागी बैरिया वाले हैं हम
जानेगी दुनिया कौन हैं हम?
तो क्यों मौन हैं हम?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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