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दो रोटी के लिए

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पहले पढ़ाई के लिए
        
                                                    
                            
फिर नौकरी के लिए
दो रोटी के लिए
आया शहर
छोड़ कर
प्यारा सा गांव मैं
पीपल का छांव मैं
मिला धुआं धूल
हो गई भयंकर भूल।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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