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धन्य धन्य बा बलिया नगरी

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            धन्य धन्य बा बलिया नगरी
        
                                                    
                            
बसल बा गंगा मईया के कगरी
छलके जहां साहित्य के गगरी
छलके जहां संस्कृति के गगरी
जहां गूंजे सहज कुमार के कजरी
जहां गूंजे बाबा भृगु के मंत्र सगरी
जहां मंगल पांडे के तेज तलवार
के धार पर कट जाए शत्रु के गर्दन बार बार
जहां हजारी प्रसाद द्विवेदी के
परशुराम चतुर्वेदी के
दिखे कलम की धार
जहां हैं सहज कुमार
और उनकी " बागी बलिया"," बलिया की मिट्टी,"के
" वतन के नाम" के अमर रचनाकार
जहां लोग करें साहस से चमत्कार
है वह बागी बलिया हमार
जहां के बगावती तेवर के जाने सारा संसार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 सप्ताह पहले
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