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चलते रहो

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पानी जब ठहर जाता है
        
                                                    
                            
पानी तब सड़ जाता है
बहती नदी की धारा
पीता जल उसका सारा
तुम भी बहते रहो
तुम भी चलते रहो
बहाओ सफलता की धारा
है अवनी और अंबर हमारा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
3 सप्ताह पहले
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