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चाह मेरी

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चाह रहा हूं मैं सुंदर संसार बनाना
        
                                                    
                            
चाह रहा हूं मैं सुंदर संसार सजाना
चाह रहा हूं मैं पूरा प्यार लुटाना
चाह रहा हूं मैं स्वर्ग धरा पर लाना
चाह रहा हूं मैं धरा को स्वर्ग बनाना
चाह रहा हूं मैं एकता के भाव जगाना
चाह रहा हूं मैं बच्चों पर प्यार लुटाना।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 महीने पहले
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Updesh Kumar

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