विज्ञापन

छोड़ कर आपको अन्यत्र दिल लगाऊं कैसे?

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भारत मां! सब कुछ छोड़ दूं मैं
        
                                                    
                            
पर आपको कैसे छोड़ दूं मैं?
छोड़ छाड़ कर घर द्वार
मां! मैं आया तेरे द्वार
अब आपका छोड़ कर द्वार
और कहीं मैं जाऊं कैसे?
छोड़ कर आपको अन्यत्र दिल लगाऊं कैसे?
मुझे अब अपनाएगा कौन?
हैं सभी आज मौन
आपको छोड़कर अब जाएगा कौन?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
1 सप्ताह पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all