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चलते रहना

Anil Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कर्तव्य पथ पर जो चला,
        
                                                    
                            
सौभाग्य से पूरित रहा।
दुख - दर्द जो सहता गया,
उसे साथ भगवन का मिला।।

धूप भी है हिम्मत बँधाती,
राह हिम्मत है दिखाती।
हारना मन से कभी मत,
जीतता है मन ही सदा।।

जग में असंभव कुछ नहीं,
हिम्मत से संभव क्या नहीं।
जीत का शुभ मंत्र है यह,
जो मन ने दृढ़ होकर कहा।

दिन भी होगा रात होगी,
खुशियों की सौगात होगी।
मार कर मन तुम न रुकना,
चलते रहना,चलते रहना।।
-पंडित अनिल
1 सप्ताह पहले
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