विज्ञापन

मौन की दीवार

Aman Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पेड़ सिर्फ़ छाँव नहीं
        
                                                    
                            
घर की दीवारें भी होते हैं

पेड़ों का स्वभाव है घर होना
मैंने नहीं सोचा कभी

किसी थके हुए पाँव का रुक जाना
मैंने माना, वे शायद पेड़ हो जाते होंगे

जंगल में सबसे पहले आश्रय किसका हुआ?
छाया का!

पेड़ों ने सदियों
अपनी हथेलियों पर झेला है धूप को

और कहलाए हैं सबसे पहले पहरेदार
घर हो जाना

पेड़ों ने, पहरेदार हो जाने के बाद ही जाना
वे जानते हैं

अकेला रहना आसान नहीं
इसलिए वे हो जाते हैं सघन

और शाखाओं में थामते हैं
परिंदों की उड़ानें सारी

पेड़ सिर्फ़ छाँव नहीं
...कि उनकी जड़ें

 
3 दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

User

26 कविताएं

View Profile

Sudhir Khatri

562 कविताएं

View Profile