विज्ञापन

सशक्त बनो

अजय कुमार

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम सख़्त बनो, सतर्क बनो,
        
                                                    
                            
समझदार और सज्जन बनो।
जीवन की हर राह में तुम,
संयमी और सुलझे मन बनो।
हालात बदलते देर नहीं लगती,
इसलिए हर क्षेत्र में निपुण बनो।
दूसरों से पहले स्वयं पर,
अपने विश्वास का वार करो।
हर उस बात का विरोध करो,
जो आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाए।
जो मनोबल को कमज़ोर करे,
उस पर तुम तीखा प्रहार करो।
झुको मगर सिद्धांतों पर नहीं,
हर मुश्किल में अडिग खड़े रहो।
तुम सख़्त बनो, सतर्क बनो,
समझदार, सुशील, सज्जन बनो।
एक दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Pankaj Sharma

1223 कविताएं

View Profile