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हर शख़्स किसी न किसी का गुनहगार सही। किसी ने किसी को दर्द दिया है

अजय कुमार

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            यहाँ कोई किसी का वफ़ादार नहीं,
        
                                                    
                            
यहाँ कोई किसी का ज़िम्मेदार नहीं।

हर कोई अपनी वफ़ा का दावा करता है,
पर हर कोई किसी का हक़दार नहीं।

किसी को बेवफ़ा कहें भी तो कैसे,
यहाँ कोई भी पूरी तरह बेदाग़ नहीं।

हर दिल ने कहीं न कहीं वफ़ा तोड़ी है,
हर शख़्स किसी न किसी का गुनहगार सही।

किसी ने किसी को दर्द दिया है,
किसी ने किसी का दिल दुखाया है।

इस दुनिया में कौन पाक-दामन है,
जिसने कभी किसी को नहीं रुलाया है?

इसलिए इल्ज़ाम लगाने से पहले
ज़रा अपने दिल का हिसाब कर लेना—

क्योंकि यहाँ हर कोई
किसी न किसी की वफ़ा का गुनहगार है,

और हर कोई
किसी न किसी की बेवफ़ाई का शिकार है।
2 सप्ताह पहले
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